हमारे जीवन मे गुरु का कितना महत्व है / How to important guru in our life hindi

हमारे जीवन मे गुरु का महत्व कितना है / Hamare Jivan me Guru ka mahatwa kitna he hindi

Guru ka Mahatwa jane hindi
जीवन मे गुरु का महत्व इतना है कि उसके ज्ञान के बिना सब अंधेरा ही है जैसे हमारे शास्त्रों में गुरु की महिमा को भगवान समान माना गया है ओर कहा गया है कि गुरु ब्रह्मा, गुरु विष्णु गुरु देवो महेश्वर गुरु साक्षात परम ब्रह्म तस्मे श्री गुरुवे नमः। गुरु को इतना ज्यादा महत्व जो हमारे शास्त्रों में दिया गया है वह दिखाता है कि हम ही है जहाँ से संस्कृति की शुरुवात हुई है। हमारे सनातन प्राचीन धर्म को दिखाता है कि हमारी संस्कृति किंतनी महान थी और आज भी हम उसका पालन कर रहे है। पहले जमाने मे गुरुकुल हुआ करते थे जो आज नदारत है जिसका कारण हमारी शिक्षा नीति रही है। आविष्कार पहले जमाने मे भी हुआ करते थे। यदि आविष्कार उस जमाने मे नही होते तो रावण के पास पुष्पक विमान कहा से आता है। उस जमाने मे जो खोज हुई थी आज भी हमारे वैज्ञानिक उसी के सहारे आगे बढ़ रहे है। हमारे ऋषियों ने जो खोजा था शायद अभी भी हम वहां तक पहुँच नही पाये है। इसलिये तो जिंदगी के मूल्य को हम समझ नही पा रहे है। दुनिया को अभी भी भृम है कि वही सब कुछ खोज सकते है लेकिन हकीकत में वे जितनी गहराई में जाते है चीजे उससे भी कई ओर गहरी होती जाती है। आज जो शिक्षा पद्त्ति चल रही है वह व्यापारिक हो चली है। आज आपको अच्छा ज्ञान तभी मिलेगा जब आपके पास उसको खरीदने के लिये रुपए पैसे होंगे। तो इस तरह की शिक्षा पद्दति गुरु को कहा  महत्व दे पाएगी। यह तो एक समान बन गयी है पैसे  दो ओर शिक्षा को किसी भी माध्यम से खरीद लो। इसलिये आज के जीवन मे गुरु का जो महत्व है वो घटा है। पहले गुरु हर तरह की शिक्षा देते है जहाँ पढ़ाई के साथ युद्ध कौशल भी होता है हा इतना जरूर मानते है कि हमारी पीढ़ी ने इसको अलग अलग विभाजित कर दिया है । हर चीज के आज आपको एक्सपर्ट मिल जायेंगे लेकिन सर्वागीण विकाश किसी का नही हुआ। वह विकाश तो एक गुरु ही कर सकता है जो सनातन की तरह अपने धर्म को निभाता हो। इसलिये अपने जीवन मे उसी को गुरु  का दर्जा दीजिये जो आपके सर्वागीण विकाश में भागीदार हो अन्यथा शिक्षा तो कही से भी आज ली जा सकती है। शिक्षा का को बाजारीकरण आज हुआ है वह एक तरफ जहा लाभप्रद है वही वह दूसरी तरफ हानिकारक है। उसका कारण यह है की सबको समान शिक्षा पैसे के अभाव में  आज मिल नही पाती है। लोगो को जो मिल रहा हु उसी में वे अपना भविष्य तराश रहे है ऑर आगे बढ़ रहे है।

हमारा पहला गुरु कोन

1मातापिता किसी के भी पहले गुरु होते है। गुरु के तौर पर माता  को ज्यादा महत्व दिया जाता है लेकिन पिता का रोल भी कम नही होता है।

2 जीवन में दूसरा तीसरा अनेक गुरु आते है लेकिन हम तभी सफल बनते है जब हमको सही गुरु मिलता है  यह चीज पढ़ाई में 80,प्रतिशत लागू होती है  लेकिन उसके बाद भी जीवन में अनेक गुरु मिलते है जो हमारे रोजी रोटी का सहारा बन कर हमे आगे बढ़ाने में उनका योगदान होता है। जिनका हमारे ऊपर योगदान होता है उनके भी गुरु होते है उनके ऊपर भी किसी का हाथ था इसलिए उनको अपने ऊपर घमंड नहीं करना चाहिए।

















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