अर्जुन छाल का काढ़ा दिन में कितनी बार पीना चाहिए /Arjun chhal ka kadha din me kitni bar pina chahiye hindi

अर्जुन छाल का काढ़ा दिन में कितनी बार पीना चाहिए  /Arjun chhal ka kadha din me kitni bar pina chahiye hindi

अर्जुन छाल का काढ़ा दिन में दो बार पी सकते है। लेकिन इसकी मात्रा मायने रखती है यदि आप एक चुटकी का काढ़ा बना कर पी रहे है तो यह मात्र दिन में दो बार आराम से पी सकते है। यदि इसकी मात्रा दो चुटकी से ज्यादा है तो अर्जुन छाल का काढ़ा दिन में एक बार पीना पर्याप्त रहता है। अच्छा होगा की आप अपने को किसी आर्युवेदाचार्य से अपना चेकअप करवा लीजिए। यह उत्तम रहेगा। यदि आप अपना चेकअप नही करवा पा रहे है ऑर आपको कोलोस्ट्रोल, धमनियों से  समन्धित उच्च रक्तचाप से पीड़ित है तो आप दिन में दो बार अर्जुन छाल को ले सकते है। यह खून को पतला करता है ओर दिल तक खून को ले जाने को सुगम बनाता है। बस इस बात का ध्यान रखे की जब कोई भी व्यक्ति दिल का रोगी हो जाता है तो उसको लंबे समय तक यह दवा लेनी पड़ती है। इतना ध्यान रखे की उस दौरान ब्लड प्रेशर की जांच भी समय समय पर करते रहे। ओर इस बात का भी ध्यान  रखे की कोलोस्ट्रोल का लेबिल भी ठीक रहे ओर उच्च रक्तचाप को भी ठीक रखे जिससे की शरीर के अंग सुचारू रूप से चल सके। कोलोस्ट्रॉल का कम होना ब्लड प्रेशर का कम होना भी शरीर के लिए नुकसानदायक है। इसलिए इन चीजों को मेंटेन रखे। समय समय पर इनकी जांच करते रहे। 

क्या ले जब अर्जुन छाल का काढ़ा पीएं

जब भी अर्जुन छाल का काढ़ा का सेवन करते है उस दौरान अपनी डाइट का भी ध्यान रखे। एक कप दूध बादाम के साथ सेवन करना दिल के रोगों के लिए लाभकारी रहता है। देशी घी का प्रयोग भी थोड़ी मात्रा में जरूर कीजिए। एक अखरोट का सुबह या सोते समय अच्छी नींद देता है। अंडे का सेवन करने वाले अंडा कम ही खाए तो अच्छा है उसकी जगह मछली का सेवन लाभकारी रहता है। हरी सब्जियों का सेवन जरूर कीजिए। स्लाद में गाजर खीरा का प्रयोग कीजिए। दो किलोमीटर रोजाना पैदल जरूर चलना चाहिए। यह सेहत के लिए अच्छा रहता है। जीवन में निराश मत होइए चाहे कितनी ही बड़ी समस्या क्यों नही आए। खुश रहना सीखो। यही तो जीवन है। निराश होकर भी जीना कोई जीवन है। खुद भी निराश रहो दूसरो को भी निराश रखो।

अर्जुन छाल का काढ़ा क्या खाली पेट पी सकते है

अर्जुन छाल का काढ़ा पीने का यह तरीका है की यदि अर्जुन छाल को कोलोस्ट्रॉल घटाने के लिए पी रहे है तो अर्जुन छाल को भोजन के आधे घंटे के भीतर लेना चाहिए। भोजन के तुरंत बाद नही लेना चाहिए। कम से कम आधा घंटा सही रहता है। यदि आप उच्च रक्तचाप से पीड़ित है तो खाली पेट अर्जुन छाल पीना लाभदायक रहता है यदि संभव हो तो पीने से पहले ब्लड प्रेशर नाप लीजिए।  ब्लड प्रेशर कम होने की दशा में यह नुकसानदायक हो सकता है। संभव हो तो किसी डॉक्टर की सलाह लीजिए। ह्रदय समंधित समस्या होने पर किसी भी तरीके से इसको लिया जा सकता है। ह्रदय को मजबूत करने के लिए अर्जुन खीर पाक विधि उत्तम है। दो चुटकी अर्जुन छाल को एक पाव  दूध में पकाकर इसको आधा होने के बाद पिया जा सकता है। 


अर्जुन छाल कहा से ले

अर्जुन छाल को अर्जुन नामक पेड़ से प्राप्त किया जा सकता है। जो हिमालय में उत्तर भारत से लेकर अरुणाचल प्रदेश के पर्वतीय ऑर भावर क्षेत्र में पाया जाता है आप चाहे तो किसी आर्युवेदिक दुकान पंसारी दुकान से भी अर्जुन छाल  खरीद सकते है। बाबा रामदेव आजकल इसको पैकेट बंद भी बेचते है। आप किसी भी पतंजलि दुकान से अर्जुन छाल को खरीद सकते है । इसकी तासीर ठंडी होती है। इसी लिए  इसको दालचीनी के साथ एक चुटकी लेना उत्तम रहता है। जब आप अर्जुन छाल को पानी में पकाते है तब भी अर्जुन छाल दो चुटकी के साथ एक चुटकी दालचीनी कोलोस्ट्रोल ब्लड प्रेशर,धमनियों का सिकुड़ना दिल के रोग, में बहुत लाभकारी है। एक गिलास पानी में इसको उबाल कर जब पानी आधा हो जाय तब इसको गुनगुना पिया जा सकता है। इस दौरान चिकनाई भी हल्का तौर पर खाते रहे।







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